सभी जमाती भाइयों को गौतम यादव नाम के इस नाचीज का सलाम, बहुत दिनों बाद ब्लॉग लिख रहा हूं,और इस ब्लॉग पर तो शायद पहली बार......दोस्तों हमने पढ़ने के दौरान ये ब्लॉग बनाया था और यो सोचा था कि लगातार कुछ ना कुछ लिखकर और अपने दिल के उद्गार लिख कर इस ब्लॉग को समृद्ध बनाएंगे, लेकिन देखने में आ रहा हैकि ना तो मैं और ना हीं आप लोगों में से किसी ने इस पर लिखने की जहमत उठायी.
कोई बात नहीं कि हम अपनी नौकरी और अपने जीवन में इतने व्यवस्त हो गए हों कि आपसी विचार साझा करने का हमारे पास बचा ये एकमात्र मंच भी हम ठीक ढंग से उपयोग नहीं कर पाए।लेकिन हम अब भी एक नयी शुरुआत कर सकते हैं, और इस ब्लॉग को नई जान दे सकते हैं............
तो दोस्तों शुरु हो जाइये...... कुछ लिखिये, कुछ कहिए, ताकि अपनी ये जमात वाकई में एक जमात के रुप में संगठित रह सके........ और हम लोगों में 'हम' नाम का ये सामूहिक तत्व बचा रह सके